OI में कौन सा नंबर देखें — और वह क्या बता सकता है
इस साइट की बाक़ी रिपोर्टें बताती हैं कि OI से ट्रेड नहीं होता। यह रिपोर्ट दूसरी तरफ़ की है: OI एक काम बहुत अच्छी तरह करता है। बस वह काम वह नहीं है जो लोग समझते हैं — और उसके लिए भी आपको सही नंबर देखना पड़ता है।
सही नंबर: सिर्फ़ आज बना OI देखिए, कुल OI नहीं। आज वाले ने 86–87% बार सही दिशा बताई; कच्चे कुल OI ने सिर्फ़ 79%।
वह किस काम आता है: यह बताने में कि अभी क्या चल रहा है। इसमें वह बहुत अच्छा है।
वह किस काम नहीं आता: आगे क्या होगा, यह बताने में। उसी नंबर पर ईमानदारी से ट्रेड करने पर 532 सौदों में नतीजा −₹7,539 रहा।
पहले: दो अलग-अलग नंबर होते हैं
ऑप्शन चेन पर OI दो तरह से देखा जा सकता है, और लोग अक्सर इन्हें एक ही समझ लेते हैं।
| नंबर | इसका मतलब |
|---|---|
| कुल OI | इस वक़्त कुल कितने सौदे खुले पड़े हैं — आज के भी, और पिछले हफ़्तों के भी |
| आज बना OI (build) | सिर्फ़ आज के दिन में कितने नए सौदे बने |
हम इन दोनों में से किसी को भी एक दिशा वाले नंबर में बदल सकते हैं — पुट की तरफ़ ज़्यादा सौदे तो नंबर ऊपर, कॉल की तरफ़ ज़्यादा तो नीचे। हम इस नंबर को ODI कहते हैं।
सवाल यह है: उसे बनाने के लिए कौन सा कच्चा माल इस्तेमाल करें?
हमने तीनों तरीक़े जाँचे
16 दिनों पर, दोनों इंडेक्स पर। नापने का पैमाना सीधा था: यह नंबर कितनी बार सही दिशा बता रहा था?
| किस चीज़ से बनाया | NIFTY | SENSEX |
|---|---|---|
| आज बना OI, हर स्ट्राइक अलग-अलग गिनकर | 86% | 87% |
| कुल OI में से सुबह का कुल OI घटाकर | 85% | 85% |
| कच्चा कुल OI | 79% | 84% |
NIFTY में 79% से 86% तक का फ़र्क़ छोटा नहीं है। इसका मतलब है कि हर सात में से लगभग एक बार कच्चा कुल OI आपको उल्टी दिशा दिखा रहा होता है।
9 जुलाई 2026: एक दिन जिसने यह साफ़ कर दिया
उस दिन NIFTY लगभग 100 पॉइंट ऊपर रहा। सीधा-सादा तेज़ी वाला दिन।
दिन का इतना हिस्सा वह मंदी बता रहा था — जबकि बाज़ार ऊपर जा रहा था।
वजह यह थी कि उस हफ़्ते की पहले से पड़ी हुई पोज़ीशन नंबर को एक ही तरफ़ खींचे हुए थीं। वे पोज़ीशन कई दिन पुरानी थीं और आज की चाल के बारे में कुछ नहीं बता रही थीं — पर कुल OI में वे भी गिनी जा रही थीं।
उसी दिन, आज बने build से निकाला गया नंबर सही दिशा दिखा रहा था।
इसे ऐसे समझिए: आप यह जानना चाहते हैं कि आज भीड़ किस तरफ़ जा रही है। पर आप गिनती में वे लोग भी जोड़ रहे हैं जो पिछले हफ़्ते से वहीं खड़े हैं।
अगर पिछले हफ़्ते की भीड़ बड़ी है, तो वह आज की हलचल को पूरी तरह ढक देगी।
एक जाल: ज़्यादा correlation का मतलब बेहतर नहीं होता
यह बात दर्ज करने लायक़ है, क्योंकि हम ख़ुद इससे धोखा खा सकते थे।
अगर सिर्फ़ correlation देखें, तो कुल OI आगे था — 0.82 बनाम 0.78। यानी उसी पैमाने से हम ग़लत नंबर चुन लेते।
वजह यह है कि correlation सिर्फ़ यह देखता है कि दो चीज़ें साथ-साथ घटती-बढ़ती हैं या नहीं। वह एक तयशुदा झुकाव को नज़रअंदाज़ कर देता है।
पर दिशा बताने वाले नंबर के लिए वही झुकाव सबसे ज़रूरी चीज़ है। 9 जुलाई वाले दिन कुल OI ठीक-ठीक साथ-साथ हिल रहा था — बस पूरे दिन ग़लत तरफ़ अटका हुआ था। correlation को इससे कोई दिक्कत नहीं हुई; असल इस्तेमाल में यही सब कुछ बिगाड़ देता है।
सबक: वह पैमाना चुनिए जो उस काम से मेल खाता हो जो आप असल में करना चाहते हैं।
अब असली सवाल: इस नंबर का करें क्या
सही नंबर चुन लेने के बाद वह सचमुच अच्छा काम करता है — पर सिर्फ़ एक ही काम।
ये आँकड़े मज़बूत हैं। इसका मतलब है कि OI आज की चाल का एक बहुत अच्छा विवरण है। अगर आप जानना चाहते हैं कि अभी बाज़ार में किस तरफ़ दबाव बन रहा है, यह नंबर आपको ईमानदारी से बता देगा।
फिर हमने वही किया जो हर कोई करना चाहता है: उसी नंबर पर ट्रेड करके देखा।
| कैसे जाँचा | नतीजा |
|---|---|
| उसी बार पर ख़रीदना मान लिया (ग़लत तरीक़ा) | +₹1,99,000 |
| अगली बार पर ख़रीदना (ईमानदार तरीक़ा) | −₹10,000 से −₹1,24,000 |
| पूरे 12 दिन का शेड्यूल, 532 सौदे | −₹7,539 |
और आख़िरी लाइन का −₹7,539 भी भरोसे लायक़ नहीं है। सिर्फ़ ख़र्च का अंदाज़ा बदलने से वही नतीजा +₹59,000 से −₹74,000 के बीच कहीं भी चला जाता था। जब नतीजा इतना डगमगाता हो, तो उस पर पैसा लगाना अपने आप में जोखिम है।
तो निचोड़ क्या है
OI बताता है कि अभी क्या हो रहा है। वह यह नहीं बताता कि आगे क्या होगा।
यह कोई छोटी बात नहीं है — अभी क्या हो रहा है, यह ठीक-ठीक जान लेना अपने आप में क़ीमती है। पर वह वह चीज़ नहीं है जो लोग OI से चाहते हैं, और यही वजह है कि उससे पैसा नहीं बनता।
यही नतीजा हमें बिल्कुल अलग रास्ते से भी मिला — जहाँ भाव को हिसाब में लेते ही OI का आगे का रिश्ता लगभग शून्य हो गया। और 2 साल के 570 ट्रेड में भी यही निकला।
तीन अलग-अलग रास्ते, एक ही जवाब।
अगर आप OI देखते हैं, तो इतना कर लीजिए
यह ट्रेड की सलाह नहीं है — यह सिर्फ़ अपनी स्क्रीन ठीक से पढ़ने की बात है:
| करने लायक़ | क्यों |
|---|---|
| कुल OI के बजाय आज बना OI देखिए | दिशा सही बताने की दर 79% से बढ़कर 86% हो जाती है |
| हर स्ट्राइक को अलग-अलग गिना गया हो | वरना भाव हिलते ही नक़ली build बन जाता है — एक दिन हमारे यहाँ 93.9% नक़ली था |
| 9:15 से पहले का नंबर मत देखिए | वह पिछले दिन का बासी डेटा होता है |
| इसे "अभी क्या है" की तरह पढ़िए, "आगे क्या होगा" की तरह नहीं | तीन अलग जाँचों में आगे की कोई जानकारी नहीं मिली |
इस जाँच की सीमाएँ
यह तुलना 16 दिनों पर है, जो कम है। दिशा बताने की दर का फ़र्क़ (86% बनाम 79%) इतने दिनों पर भी साफ़ था, पर यह किसी बड़े दावे के लिए काफ़ी नहीं।
ट्रेड वाला हिस्सा 12 दिनों और 532 सौदों पर है, और वहाँ नतीजा ख़र्च के अंदाज़े पर बहुत ज़्यादा हिलता है — इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि वह नियम पक्के तौर पर हारता है। हम सिर्फ़ यह कह सकते हैं कि उसमें जीतने का कोई सबूत नहीं मिला।
दिशा वाले हिस्से पर हमें ज़्यादा भरोसा है, क्योंकि वही नतीजा हमें 570 ट्रेड और 22 दिनों की अलग जाँच में भी मिला।
आगे पढ़िए
आपका OI डिस्प्ले शायद झूठ बोल रहा है
अगर हर स्ट्राइक अलग-अलग नहीं गिनी जा रही, तो build का बड़ा हिस्सा नक़ली हो सकता है। हमारे यहाँ एक दिन 93.9% नक़ली था।
F11 · 570 ट्रेडक्या OI से दिशा पता चलती है? 570 ट्रेड का जवाब
वही सवाल, असली पैसे के हिसाब से, 2 साल की साप्ताहिक एक्सपायरी पर।
यह पेज सिर्फ़ हमारी की हुई जाँच की रिपोर्ट है। यहाँ कोई निवेश सलाह नहीं है, कोई सिफ़ारिश नहीं है, ख़रीदने-बेचने का कोई सुझाव नहीं है, और किसी शेयर या ऑप्शन का नाम लेकर कोई राय नहीं दी गई है। ऊपर "करने लायक़" वाली बातें सिर्फ़ आँकड़ा ठीक से पढ़ने के बारे में हैं, किसी सौदे के बारे में नहीं।
हम SEBI में रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं। बाज़ार में जोखिम है — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड सलाहकार से बात कीजिए।