अपना असली हिसाब निकालिए
ज़्यादातर लोग यह कभी नहीं करते। वजह यह नहीं कि मुश्किल है — वजह यह है कि याद में सिर्फ़ जीते हुए सौदे रहते हैं, और हारे हुए अपने आप निकल जाते हैं। यह कैलकुलेटर सिर्फ़ एक काम करता है: पूरा नंबर सामने रख देता है।
तीन नंबर, बस
सबसे भरोसेमंद तरीक़ा सबसे सीधा है। हर सौदे का हिसाब जोड़ने की ज़रूरत नहीं — बैंक और ब्रोकर स्टेटमेंट से ये तीन नंबर निकाल लीजिए। इनमें ब्रोकरेज, STT, GST सब अपने आप शामिल हो जाते हैं।
आपका असली नतीजा
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| कुल डाला | — |
| कुल निकाला | — |
| अभी बचा है | — |
| असली नतीजा | — |
| हर साल औसतन | — |
| हर महीने औसतन | — |
वही रक़म अगर कहीं और होती
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| अगर सालाना बढ़त मिले | 10 साल में | 20 साल में |
|---|---|---|
| 6% (कम अनुमान) | — | — |
| 8% | — | — |
| 12% (बीते 20 साल जैसा) | — | — |
| आपने जमा किया होता | — | — |
अब इसका क्या करें
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यह नंबर किसी को दिखाने की ज़रूरत नहीं है। पर एक बार अपने सामने रख लेना ज़रूरी है — क्योंकि जब तक यह सामने न हो, फ़ैसला याद के भरोसे होता है, और याद सिर्फ़ जीते हुए सौदे रखती है।
भेजने पर सिर्फ़ इस पेज का लिंक जाता है। आपके नंबर कभी नहीं जाते — वे इस पेज से बाहर कभी निकलते ही नहीं।
यह हिसाब भरोसेमंद क्यों है
ज़्यादातर लोग अपना नुकसान इस तरह जोड़ते हैं कि हर सौदे का मुनाफ़ा-नुकसान याद करके गिनते हैं। यह तरीक़ा हमेशा ग़लत नतीजा देता है, दो वजहों से।
पहली — याद में जीते हुए सौदे ज़्यादा रहते हैं। यह किसी की कमज़ोरी नहीं, इंसानी दिमाग़ की आम आदत है।
दूसरी — चार्ज हर सौदे में थोड़ा-थोड़ा कटता है, इसलिए वह कभी बड़ा नहीं लगता। पर SEBI के आँकड़ों में नुकसान में रहने वालों ने अपने नुकसान के ऊपर 28% और सिर्फ़ चार्ज के रूप में दिया।
ऊपर वाला तरीक़ा इन दोनों दिक्कतों से बच जाता है। पैसा अंदर गया और पैसा बाहर आया — इसके बीच जो फ़र्क़ है, वही सच है। उसमें हर चार्ज पहले से शामिल है।
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फिर क्या करें? वह हिसाब जो कोई नहीं दिखाता
SEBI के मुताबिक़ FY26 में औसत ट्रेडर ने ₹1.17 लाख गँवाए। वह रक़म बीस साल में क्या बनती — और इस हिसाब की कमज़ोरियाँ क्या हैं।
एक्सपायरीएक्सपायरी डे ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी — 570 ट्रेड का असली नतीजा
एक्सपायरी वाले दिन के सिर्फ़ 122 ट्रेड ने कुल नुकसान का 75% बनाया।
यह कैलकुलेटर सिर्फ़ आपके डाले हुए नंबरों पर साधारण गणित करता है। यह निवेश की सलाह नहीं है, न ही किसी फ़ंड, शेयर, स्कीम या ऑप्शन की सिफ़ारिश है। चक्रवृद्धि वाली तालिका में मान ली गई दरें सिर्फ़ मिसाल के लिए हैं — वे किसी भी तरह का वादा नहीं हैं, और उनमें टैक्स तथा महँगाई शामिल नहीं है।
हम SEBI में रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं। बाज़ार में जोखिम है और पैसा घट भी सकता है। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड सलाहकार से बात कीजिए।