क्या OI से दिशा पता चलती है? 570 ट्रेड का जवाब
हर टेलीग्राम चैनल यही कहता है — पुट में सौदे बढ़ें तो बाज़ार ऊपर जाएगा, कॉल में बढ़ें तो नीचे। हमने यही बात 2 साल के असली डेटा पर 570 बार आज़माई। जो निकला, वह उम्मीद से भी सख़्त है।
570 बार यह नियम चलाया। 100 में से सिर्फ़ 37 बार जीत मिली। कुल नुकसान ₹8,20,553।
पर असली बात यह है: नुकसान इसलिए नहीं हुआ कि OI उल्टी दिशा बता रहा था। नुकसान इसलिए हुआ कि OI का नतीजे से कोई लेना-देना ही नहीं था। सिग्नल कमज़ोर हो या बहुत मज़बूत — जीत की दर वही रही।
पैसा दिशा की ग़लती से नहीं गया। पैसा इसलिए गया कि ऑप्शन की क़ीमत बैठे-बैठे अपने आप घटती रहती है।
पहले यह समझ लीजिए कि OI है क्या
OI यानी ओपन इंटरेस्ट। मतलब — इस वक़्त बाज़ार में कितने सौदे खुले पड़े हैं। यानी कितने लोगों ने पोज़ीशन ले रखी है और अभी बंद नहीं की।
रोज़ जो नए सौदे बनते हैं, उन्हें build कहते हैं। आम मान्यता यह है: अगर पुट (PE) में ज़्यादा लोग सौदे बना रहे हैं, तो उन्होंने बाज़ार के नीचे न जाने पर दाँव लगाया है — यानी तेज़ी। और कॉल (CE) में ज़्यादा सौदे बनें तो मंदी।
इसी बात को हमने एक नंबर में बदला, ताकि उसे नापा जा सके। इस नंबर को हम ODI कहते हैं। यह −100 से +100 के बीच रहता है। नंबर जितना ऊपर, पुट की तरफ़ उतना झुकाव:
ODI = 100 × (पुट के नए सौदे − कॉल के नए सौदे) ÷ (दोनों का जोड़)
हर स्ट्राइक पर सिर्फ़ आज बने सौदे गिने जाते हैं, पहले से पड़े हुए नहीं। यह छोटा-सा फ़र्क़ बड़ा मायने रखता है — पुराने सौदे मिला दें तो नंबर पूरे दिन एक ही तरफ़ अटका रह जाता है।
हमने क्या आज़माया
नियम बिल्कुल वही रखा जो आम तौर पर बताया जाता है। कोई छूट नहीं, कोई अपनी तरफ़ से चालाकी नहीं:
| कब देखें | रोज़ सुबह 11:30 बजे ODI देखें |
| क्या करें | ODI ऊपर हो → ATM पुट ख़रीदें · ODI नीचे हो → ATM कॉल ख़रीदें |
| कब तक रखें | दोपहर 3:15 तक (पौने चार घंटे) |
| कितने का | हर बार ₹25,000 का सौदा |
| ख़रीदा कब माना | अगली मिनट की कैंडल पर, ₹0.05 का नुकसान जोड़कर |
नतीजा
100 में से 37 बार जीत। हर सौदे पर औसतन ₹1,440 का नुकसान। बीच में एक वक़्त ऐसा आया जब घाटा ₹10,20,477 तक पहुँच गया था।
| कब | कितने ट्रेड | जीत | नतीजा |
|---|---|---|---|
| 2024 | 248 | 39% | −₹2,99,517 |
| 2025 | 245 | 35% | −₹5,25,380 |
| 2026 | 77 | 40% | +₹4,345 |
| चुनने वाला हिस्सा | 400 | 37% | −₹6,85,742 |
| जाँचने वाला हिस्सा | 170 | 38% | −₹1,34,811 |
| कुल | 570 | 37% | −₹8,20,553 |
असली बात: OI ने नतीजा तय ही नहीं किया
यह इस पूरी रिपोर्ट की सबसे ज़रूरी बात है, इसलिए धीरे से पढ़िए।
अगर ODI में सचमुच दिशा की जानकारी होती, तो एक चीज़ ज़रूर दिखनी चाहिए थी: सिग्नल जितना मज़बूत, नतीजा उतना बेहतर। कमज़ोर सिग्नल पर कम जीत, तगड़े सिग्नल पर ज़्यादा जीत।
हमने सारे ट्रेड को सिग्नल की मज़बूती के हिसाब से बाँटकर देखा:
| सिग्नल की मज़बूती | बहुत कमज़ोर | कमज़ोर | ठीक-ठाक | मज़बूत | बहुत मज़बूत |
|---|---|---|---|---|---|
| जीत की दर | 39% | 37% | 35% | 39% | 40% |
यह "OI उल्टा बताता है" से कहीं बड़ी बात है। अगर OI उल्टा बताता, तो उल्टा करके कमाया जा सकता था।
पर यहाँ जो निकला वह यह है कि OI का नतीजे से कोई रिश्ता ही नहीं था — न सीधा, न उल्टा। कॉल हो या पुट, दोनों तरफ़ लगभग बराबर नुकसान हुआ। और जब दोनों तरफ़ बराबर नुकसान हो, तो वजह दिशा नहीं होती। वजह कुछ और होती है।
तो पैसा गया कहाँ?
ऑप्शन की एक ख़ासियत है जो नए लोग अक्सर हल्के में ले लेते हैं: उसकी क़ीमत हर बीतते घंटे अपने आप घटती जाती है — चाहे बाज़ार हिले या बिल्कुल न हिले। इसे थीटा कहते हैं। एक्सपायरी जितनी पास, यह घटना उतनी तेज़।
हमारी जाँच में ख़रीदे गए ऑप्शन की क़ीमत पौने चार घंटे में औसतन 5.4% गिरी। और आधे से ज़्यादा मामलों में तो 13.4% तक गिरी।
असली तस्वीर तब साफ़ हुई जब हमने ट्रेड को इस हिसाब से बाँटा कि ऑप्शन कितने का ख़रीदा गया था:
| ऑप्शन की क़ीमत | एक्सपायरी में बचे दिन | ट्रेड | जीत | औसत नतीजा |
|---|---|---|---|---|
| ₹25 से कम | उसी दिन | 15 | 0% | −₹22,204 |
| ₹25–60 | लगभग उसी दिन | 96 | 24% | −₹6,161 |
| ₹60–120 | 2 दिन | 241 | 40% | +₹483 |
| ₹120–250 | 4 दिन | 205 | 42% | +₹71 |
सबसे ऊपर वाली लाइन देखिए। ₹25 से सस्ता ऑप्शन ख़रीदने वाले 15 ट्रेड में एक भी नहीं जीता। एक भी नहीं।
और सिर्फ़ एक्सपायरी वाले दिन के 122 ट्रेड ने कुल नुकसान का 75% बना दिया — ₹6,16,572। यही वह दिन है जिस पर सबसे ज़्यादा लोग सस्ते ऑप्शन ख़रीदने आते हैं, क्योंकि "कम पैसे में ज़्यादा मिलेगा" लगता है।
एक बात और साफ़ कर दें, क्योंकि यह अक्सर उल्टी समझी जाती है। यहाँ ब्रोकरेज मुख्य विलेन नहीं है। सारे चार्ज मिलाकर सिर्फ़ ₹1,765 बने — यानी कुल नुकसान का 20%। बाक़ी 80% ख़ुद सौदे ने खोया।
"तो उल्टा कर लेते हैं" — यहीं सबसे बड़ा जाल है
यह सवाल हर किसी के मन में आता है। अगर नियम उल्टा चला दें, तो आँकड़ा +₹6,62,084 दिखने लगता है। लगता है बात बन गई।
नहीं बनी। वह मुनाफ़ा किसी सिग्नल की कमाई नहीं है। जब आप उल्टा करते हैं, तो असल में आप वह घटती हुई क़ीमत वाला ऑप्शन बेच रहे होते हैं। यानी वही थीटा, बस दूसरी तरफ़ से गिना हुआ।
और उसमें जोखिम बहुत बड़ा है। हमारी अपनी गिनती में उस पोज़ीशन का जोखिम कमाई से 39.7 गुना निकला। मतलब — सौ बार छोटी-छोटी कमाई, और एक दिन बाज़ार तेज़ी से हिला तो सब कुछ ख़त्म।
याद रखिए: हारते हुए नियम का उल्टा अपने आप जीतने वाला नियम नहीं बन जाता।
यह अकेली जाँच नहीं है
यह चौथी बार है जब हमें बिल्कुल अलग रास्ते से यही नतीजा मिला है। इससे पहले हमने 1,646 अलग-अलग नियम 742 दिनों के डेटा पर आज़माए थे — मूविंग एवरेज, ब्रेकआउट, RSI, बोलिंजर, मोमेंटम, सब।
उस जाँच में जो सबसे ज़रूरी सबक मिला, वह यह था: जिन 30 को हमने मुनाफ़े में देखा, उनका मुनाफ़े में होना कोई ख़ुशख़बरी नहीं था। 1,646 नियम आज़माएँगे तो कुछ का अच्छा निकलना तय है — डेटा चाहे बिल्कुल बेतरतीब हो। ठीक वैसे ही जैसे हज़ार लोग सिक्का उछालें तो किसी न किसी के दसों बार हेड आ ही जाते हैं।
और उनमें से जो एक सबसे भरोसेमंद लगी थी, वह आख़िर में हमारे अपने कोड की एक लाइन की ग़लती निकली।
हम यह नहीं कह रहे
ईमानदारी का मतलब यह भी है कि अपनी बात को ज़रूरत से ज़्यादा बड़ा न बनाया जाए। तो साफ़ कर दें:
| यह हम नहीं कह रहे | यह हम कह रहे हैं |
|---|---|
| OI बेकार चीज़ है | OI यह बहुत अच्छी तरह बताता है कि अभी क्या हो रहा है। बस आगे क्या होगा, यह नहीं बताता। |
| कोई कभी नहीं जीत सकता | यह नियम इस डेटा पर नहीं जीता। और जो-जो आसान चीज़ें हमने जाँचीं, वे भी नहीं जीतीं। |
| उल्टा ट्रेड कीजिए | उल्टा नियम एक अलग और बड़ा जोखिम है, कोई बढ़त नहीं। |
| यह निवेश की सलाह है | यह सिर्फ़ हमारी अपनी जाँच की रिपोर्ट है। कोई सिफ़ारिश नहीं। |
इस जाँच की कमज़ोरियाँ
अगर हम दूसरों के आँकड़ों पर सवाल उठाते हैं, तो अपने आँकड़ों की कमियाँ भी ख़ुद बतानी होंगी।
यह जाँच सिर्फ़ NIFTY की साप्ताहिक एक्सपायरी पर है। सिर्फ़ एक ही समय (11:30) पर ख़रीदने की है। और सिर्फ़ एक ही अवधि तक रखने की है। दूसरे समय पर, दूसरी अवधि के लिए, या दूसरे इंडेक्स पर नतीजा अलग हो सकता है।
आँकड़ों की भाषा में कहें तो नुकसान इतना पक्का नहीं है कि उसे सौ फ़ीसदी तय कहा जाए — वह बस लगातार नुकसान में रहा है, हर तरह से काटकर देखने पर।
यह इस बात का सबूत नहीं है कि OI का हर संभव नियम हारेगा। यह इस बात का सबूत है कि यह नियम — जो सबसे ज़्यादा बताया और बेचा जाता है — इस डेटा पर हारा, और चार अलग-अलग रास्तों से जाँचने पर हर बार यही निकला।
हम पर भरोसा मत कीजिए — खुद जाँचिए
इस रिपोर्ट का मक़सद आपको यक़ीन दिलाना नहीं है। मक़सद यह है कि आप अपना नियम, अपने डेटा पर जाँच सकें।
oilivetrader ऐप में आप अपने ही ब्रोकर की API key डालते हैं — Kite, Upstox, Angel One, Dhan या Fyers। डेटा आपके अपने अकाउंट से आता है और आपके फ़ोन में ही रहता है। हमारे सर्वर पर आपका कोई डेटा नहीं आता, क्योंकि हमारे पास आपका डेटा होना ही नहीं चाहिए।
एक चेतावनी जो हम अपने ही टूल पर लगाते हैं: जब आप बहुत सारे नियम जाँचेंगे, तो कुछ शानदार दिखेंगे ही। यह पक्का है।
इसीलिए यह ऐप कभी "सबसे अच्छी स्ट्रैटेजी" की लिस्ट नहीं दिखाता। वही लिस्ट सबसे ख़तरनाक चीज़ होती है। इसकी जगह ऐप आपको सीधा बताता है कि आपका नतीजा उन नियमों के मुक़ाबले कहाँ खड़ा है जिनमें कोई दम ही नहीं था — ताकि आप ख़ुद देख सकें कि आपका नियम इत्तेफ़ाक़ से अलग कुछ है या नहीं।
क्या OI से आगे की दिशा पता चलती है?
हमारी जाँच में नहीं। सिग्नल कमज़ोर हो तो जीत 39%, और सबसे मज़बूत हो तो 40% — यानी कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा। OI यह बताता है कि अभी क्या चल रहा है, आगे क्या होगा यह नहीं।
ऑप्शन ख़रीदकर दिन भर रखने में नुकसान क्यों?
क्योंकि ऑप्शन की क़ीमत हर बीतते घंटे अपने आप घटती है। पौने चार घंटे में औसतन 5.4% गिरी। एक्सपायरी वाले दिन के सिर्फ़ 122 ट्रेड ने कुल नुकसान का 75% बनाया।
उल्टा कर दें तो मुनाफ़ा होगा?
नहीं। आँकड़ा +₹6,62,084 दिखता है, पर वह सिग्नल की कमाई नहीं — घटती क़ीमत वाला ऑप्शन बेचने की कमाई है, जिसमें जोखिम कमाई से 39.7 गुना है।
क्या यह सिर्फ़ एक असफल टेस्ट है?
नहीं, यह चौथी बार है जब अलग रास्ते से यही नतीजा मिला। इससे पहले 1,646 नियम 742 दिनों पर आज़माए; 30 मुनाफ़े में दिखे, और एक भी नहीं टिका।
क्या मैं यह जाँच खुद कर सकता हूँ?
हाँ। ऐप में आपकी अपनी ब्रोकर key लगती है, डेटा आपके अपने अकाउंट से आता है, और आपके ही फ़ोन में रहता है।
यह पेज सिर्फ़ हमारी की हुई जाँच की रिपोर्ट है। यहाँ कोई निवेश सलाह नहीं है, कोई सिफ़ारिश नहीं है, ख़रीदने-बेचने का कोई सुझाव नहीं है, और आगे कितना मिलेगा इसका कोई दावा नहीं है। किसी शेयर या ऑप्शन का नाम लेकर कोई राय नहीं दी गई है।
हम SEBI में रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं। यहाँ के सारे आँकड़े बीते हुए डेटा पर की गई गिनती के हैं; असली ट्रेडिंग के नतीजे इनसे अलग होते हैं। बाज़ार में जोखिम है — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड सलाहकार से बात कीजिए।