एक्सपायरी डे ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी — 570 ट्रेड का असली नतीजा
अगर आप एक्सपायरी वाले दिन की स्ट्रैटेजी ढूँढ रहे हैं, तो यह पेज आपको कोई स्ट्रैटेजी नहीं देगा। यह आपको वह आँकड़ा देगा जो स्ट्रैटेजी बेचने वाले कभी नहीं दिखाते — कि एक्सपायरी वाले दिन असल में होता क्या है।
570 ट्रेड में से एक्सपायरी वाले दिन के सिर्फ़ 122 ट्रेड ने कुल नुकसान का 75% बना दिया।
₹25 से सस्ता ऑप्शन ख़रीदने वाले 15 ट्रेड में एक भी नहीं जीता। जीत की दर शून्य।
नुकसान पूरे हफ़्ते में बराबर नहीं बँटा था। वह एक ही दिन पर, और एक ही तरह के सौदे पर जमा था — ठीक वही दिन और वही सौदा जो सबसे ज़्यादा सिखाया जाता है।
पहले यह समझिए कि एक्सपायरी वाला दिन अलग क्यों है
ऑप्शन की क़ीमत दो हिस्सों से बनती है। एक हिस्सा वह जो अभी की असली क़ीमत है, और दूसरा हिस्सा वह जो सिर्फ़ "अभी वक़्त बाक़ी है" की वजह से है।
दूसरा हिस्सा हर बीतते घंटे घटता जाता है — बाज़ार हिले या न हिले। इसे थीटा कहते हैं।
और एक्सपायरी वाले दिन यह घटना सबसे तेज़ होती है, क्योंकि उस दिन के बाद वक़्त बचता ही नहीं। इसीलिए उस दिन ऑप्शन सस्ते दिखते हैं। वे सस्ते इसलिए नहीं हैं कि सौदा अच्छा है — वे सस्ते इसलिए हैं कि वे मर रहे हैं।
एक मिसाल: मान लीजिए आप ऐसी बर्फ़ ख़रीद रहे हैं जो धूप में रखी है।
सुबह वह महँगी है क्योंकि दिन भर चलेगी। दोपहर तक सस्ती हो जाती है। और शाम को बहुत सस्ती लगती है।
शाम को ख़रीदना सौदा नहीं है। शाम तक उसमें बचा ही कितना है?
हमने क्या जाँचा
हमने 2 साल के असली डेटा पर — जनवरी 2024 से मई 2026 तक, 125 साप्ताहिक एक्सपायरी पर — एक आम नियम 570 बार चलाया: सुबह 11:30 पर OI देखकर ATM कॉल या पुट ख़रीदना, और 3:15 तक रखना।
पूरा नियम और उसका कुल नतीजा अलग रिपोर्ट में है। यहाँ हम सिर्फ़ एक सवाल देख रहे हैं: नुकसान कहाँ हुआ?
नुकसान एक ही दिन पर जमा था
यह कुल ₹8,20,553 के नुकसान का 75% है — सिर्फ़ 122 ट्रेड से, जो कुल ट्रेड का पाँचवाँ हिस्सा भी नहीं थे।
यह सबसे ज़रूरी बात है। लोग सोचते हैं कि नुकसान धीरे-धीरे, हर दिन थोड़ा-थोड़ा होता है। हुआ यह कि बाक़ी 448 ट्रेड मिलकर सिर्फ़ 25% नुकसान के ज़िम्मेदार थे, और अकेले एक्सपायरी वाला दिन बाक़ी 75% खा गया।
और यही वह दिन है जिस पर सबसे ज़्यादा रिटेल वॉल्यूम आता है।
अब देखिए ऑप्शन की क़ीमत के हिसाब से
हमने सारे ट्रेड इस हिसाब से बाँटे कि ऑप्शन कितने का ख़रीदा गया था। पैटर्न बिल्कुल साफ़ है:
| ऑप्शन कितने का था | एक्सपायरी में बचे दिन | ट्रेड | जीत की दर | औसत नतीजा |
|---|---|---|---|---|
| ₹25 से कम | उसी दिन | 15 | 0% | −₹22,204 |
| ₹25–60 | लगभग उसी दिन | 96 | 24% | −₹6,161 |
| ₹60–120 | 2 दिन | 241 | 40% | +₹483 |
| ₹120–250 | 4 दिन | 205 | 42% | +₹71 |
सबसे ऊपर वाली लाइन पर रुकिए।
एक भी नहीं जीता। औसत नुकसान ₹22,204 प्रति ट्रेड।
और यही वह सौदा है जो सबसे ज़्यादा आकर्षक लगता है — "कम पैसे में ज़्यादा मिलेगा"। ₹15 का ऑप्शन ₹150 का हो सकता है, यह सच है। पर उसी डेटा में वह 15 में से 15 बार शून्य की तरफ़ गया।
यह सिर्फ़ हमारा डेटा नहीं है
SEBI की अपनी स्टडी में भी यही दिशा दिखती है: FY26 में व्यक्तिगत ट्रेडरों के कुल नुकसान का लगभग 92% अकेले ऑप्शन से आया।
यानी नुकसान पूरे बाज़ार में बराबर नहीं फैला है। वह एक ही जगह जमा है — और हमारा डेटा बताता है कि उस जगह के भीतर भी वह एक ही दिन और एक ही तरह के सौदे पर जमा है।
तो कोई एक्सपायरी डे स्ट्रैटेजी चलती है या नहीं?
हमने जो जाँचा, उसमें कोई नहीं चली।
और यह सिर्फ़ एक नियम की बात नहीं है। हमने अलग से 1,646 अलग-अलग इंट्राडे नियम भी आज़माए थे — मूविंग एवरेज, ब्रेकआउट, RSI, बोलिंजर, मोमेंटम, दिन के हर समय पर ख़रीदने-बेचने के तमाम जोड़। उनमें से 30 मुनाफ़े में दिखे, और ठीक से जाँचने पर एक भी नहीं टिका।
हम यह नहीं कह रहे कि हर संभव स्ट्रैटेजी हारेगी — ऐसा दावा हमारे डेटा से नहीं निकलता। पर यह ज़रूर निकलता है कि जो स्ट्रैटेजी सबसे ज़्यादा सिखाई और बेची जाती हैं, वे ईमानदारी से जाँचने पर नहीं टिकीं।
और अगर आपको कोई ऐसी स्ट्रैटेजी दिखाए जो चलती है, तो उससे यह एक सवाल ज़रूर पूछिए: "यह वाली दिखाने से पहले आपने और कितनी आज़माई थीं?" इस सवाल का जवाब ही सब कुछ तय करता है — क्यों, वह यहाँ समझाया है।
एक काम, जो किसी भी स्ट्रैटेजी से ज़्यादा काम का है
अगर आप एक्सपायरी वाले दिन ट्रेड करते रहे हैं, तो सबसे काम की चीज़ कोई नई स्ट्रैटेजी नहीं है। सबसे काम की चीज़ है अपना अब तक का असली हिसाब — सारे चार्ज जोड़कर, हर सौदा मिलाकर।
ज़्यादातर लोग यह कभी नहीं करते, क्योंकि याद में सिर्फ़ जीते हुए सौदे रहते हैं। हारे हुए सौदे याद से अपने आप निकल जाते हैं।
आगे पढ़िए
यह पेज सिर्फ़ हमारी की हुई जाँच की रिपोर्ट है। यहाँ कोई निवेश सलाह नहीं है, कोई सिफ़ारिश नहीं है, ख़रीदने-बेचने का कोई सुझाव नहीं है, और आगे कितना मिलेगा इसका कोई दावा नहीं है। किसी शेयर या ऑप्शन का नाम लेकर कोई राय नहीं दी गई है।
हम SEBI में रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं। यहाँ के सारे आँकड़े बीते हुए डेटा पर की गई गिनती के हैं; असली ट्रेडिंग के नतीजे इनसे अलग होते हैं। बाज़ार में जोखिम है — कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड सलाहकार से बात कीजिए।