oilivetrader
यह पूरी साइट 100% AI द्वारा लिखी गई है · कोई टिप नहीं, कोई सलाह नहीं · इसका मतलब
कैलकुलेटर

अपना असली हिसाब निकालिए

ज़्यादातर लोग यह कभी नहीं करते। वजह यह नहीं कि मुश्किल है — वजह यह है कि याद में सिर्फ़ जीते हुए सौदे रहते हैं, और हारे हुए अपने आप निकल जाते हैं। यह कैलकुलेटर सिर्फ़ एक काम करता है: पूरा नंबर सामने रख देता है।

आपके नंबर कहीं नहीं जाते। यह पूरी गिनती आपके अपने फ़ोन या कंप्यूटर के अंदर होती है। कुछ भी सेव नहीं होता, कुछ भी किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता। यक़ीन न हो तो इंटरनेट बंद करके देख लीजिए — यह फिर भी चलेगा। पेज बंद करते ही सब मिट जाता है।

तीन नंबर, बस

सबसे भरोसेमंद तरीक़ा सबसे सीधा है। हर सौदे का हिसाब जोड़ने की ज़रूरत नहीं — बैंक और ब्रोकर स्टेटमेंट से ये तीन नंबर निकाल लीजिए। इनमें ब्रोकरेज, STT, GST सब अपने आप शामिल हो जाते हैं।

शुरू से आज तक जितनी बार भी पैसा डाला, सबका जोड़। रुपयों में।
अगर कभी नहीं निकाला तो 0 लिखिए।
आज की तारीख़ में जो भी बैलेंस दिख रहा है, खुली पोज़ीशन की क़ीमत मिलाकर।
आधे साल के लिए 0.5 लिख सकते हैं।

आपका असली नतीजा

अब तक का कुल नतीजा
—

—

कुल डाला—
कुल निकाला—
अभी बचा है—
असली नतीजा—
हर साल औसतन—
हर महीने औसतन—
इस नंबर में ब्रोकरेज, STT, GST और बाक़ी सारे चार्ज पहले से शामिल हैं — क्योंकि वे पैसे अकाउंट से पहले ही कट चुके हैं।

वही रक़म अगर कहीं और होती

—

अगर सालाना बढ़त मिले10 साल में20 साल में
6% (कम अनुमान)——
8%——
12% (बीते 20 साल जैसा)——
आपने जमा किया होता——
यह किसी स्कीम का वादा नहीं है, और न ही यह सलाह है। यह सिर्फ़ चक्रवृद्धि ब्याज का गणित है — यह दिखाने के लिए कि हर साल की वही रक़म समय के साथ क्या बन जाती। असल बढ़त इससे कम भी हो सकती है और ज़्यादा भी। इसमें टैक्स और महँगाई नहीं जोड़े गए हैं।

अब इसका क्या करें

—

—

यह नंबर किसी को दिखाने की ज़रूरत नहीं है। पर एक बार अपने सामने रख लेना ज़रूरी है — क्योंकि जब तक यह सामने न हो, फ़ैसला याद के भरोसे होता है, और याद सिर्फ़ जीते हुए सौदे रखती है।

भेजने पर सिर्फ़ इस पेज का लिंक जाता है। आपके नंबर कभी नहीं जाते — वे इस पेज से बाहर कभी निकलते ही नहीं।

यह हिसाब भरोसेमंद क्यों है

ज़्यादातर लोग अपना नुकसान इस तरह जोड़ते हैं कि हर सौदे का मुनाफ़ा-नुकसान याद करके गिनते हैं। यह तरीक़ा हमेशा ग़लत नतीजा देता है, दो वजहों से।

पहली — याद में जीते हुए सौदे ज़्यादा रहते हैं। यह किसी की कमज़ोरी नहीं, इंसानी दिमाग़ की आम आदत है।

दूसरी — चार्ज हर सौदे में थोड़ा-थोड़ा कटता है, इसलिए वह कभी बड़ा नहीं लगता। पर SEBI के आँकड़ों में नुकसान में रहने वालों ने अपने नुकसान के ऊपर 28% और सिर्फ़ चार्ज के रूप में दिया।

ऊपर वाला तरीक़ा इन दोनों दिक्कतों से बच जाता है। पैसा अंदर गया और पैसा बाहर आया — इसके बीच जो फ़र्क़ है, वही सच है। उसमें हर चार्ज पहले से शामिल है।

आगे पढ़िए

ज़रूरी सूचना

यह कैलकुलेटर सिर्फ़ आपके डाले हुए नंबरों पर साधारण गणित करता है। यह निवेश की सलाह नहीं है, न ही किसी फ़ंड, शेयर, स्कीम या ऑप्शन की सिफ़ारिश है। चक्रवृद्धि वाली तालिका में मान ली गई दरें सिर्फ़ मिसाल के लिए हैं — वे किसी भी तरह का वादा नहीं हैं, और उनमें टैक्स तथा महँगाई शामिल नहीं है।

हम SEBI में रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं। बाज़ार में जोखिम है और पैसा घट भी सकता है। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड सलाहकार से बात कीजिए।