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जाँच रिपोर्ट · F9

जब बिना मतलब का डेटा असली सिग्नल से बेहतर निकला

हमें OI में एक साफ़ रिश्ता मिल गया था — आँकड़ों की भाषा में मज़बूत, और देखने में भरोसेमंद। फिर हमने एक जाँच की जो लगभग कोई नहीं करता: वही हिसाब जान-बूझकर बिगाड़े हुए, बेमतलब डेटा पर भी चलाकर देखा।

30 अगस्त 2026 NIFTY + SENSEX 22 साझा दिन 14,786 मिनट
सीधी बात — अगर सिर्फ़ इतना ही पढ़ना हो

हमारा "असली" सिग्नल +0.04 से +0.10 स्कोर कर रहा था, जो काफ़ी मज़बूत लग रहा था।

फिर हमने वही डेटा ताश की तरह फेंट दिया — यानी उसमें से सारा मतलब निकाल दिया। उस बेमतलब डेटा ने +0.15 स्कोर किया। असली सिग्नल से ज़्यादा।

इसका मतलब साफ़ था: ग़लती डेटा में नहीं थी। ग़लती हमारे जाँचने के तरीक़े में थी।

कंट्रोल टेस्ट क्या होता है

दवा की जाँच में एक तरीक़ा होता है: कुछ लोगों को असली दवा दी जाती है और कुछ को सिर्फ़ चीनी की गोली। अगर चीनी की गोली से भी उतना ही फ़ायदा दिखे, तो दवा काम नहीं कर रही।

आँकड़ों में यही काम कंट्रोल टेस्ट करता है। आप अपना पूरा हिसाब एक ऐसे डेटा पर भी चलाते हैं जिसमें आपने जान-बूझकर सारा मतलब ख़त्म कर दिया हो।

अगर बेमतलब डेटा भी उतना ही अच्छा नतीजा दे, तो आपका सिग्नल कुछ नहीं बता रहा। आपका तरीक़ा ही नतीजा बना रहा है।

यह जाँच लगभग कोई नहीं करता, और इसकी वजह सीधी है: यह जाँच आपको बताती है कि आपकी मेहनत बेकार गई। कोई भी अपनी खोज को ख़ुद तोड़ने के लिए उत्सुक नहीं होता।

पर अगर आप यह जाँच नहीं करेंगे, तो कोई और भी नहीं करेगा — और आप एक नक़ली सिग्नल पर पैसा लगा देंगे।

पहला जाल: सारे दिन एक साथ मिला देना

हमारे पास 22 दिनों का मिनट-दर-मिनट डेटा था। हमने सारे दिनों को एक साथ मिलाकर देखा कि ODI का आगे आने वाले रिटर्न से क्या रिश्ता है।

रिश्ता मिला, और मज़बूत मिला। फिर कंट्रोल चलाया:

क्या जाँचास्कोर
असली ODI (सारे दिन एक साथ)+0.04 से +0.10
फेंटा हुआ, बेमतलब ODI+0.15
असली ODI (हर दिन अलग-अलग देखने पर)−0.008
बीच वाली लाइन ही पूरी कहानी है। जिस डेटा में कोई जानकारी बची ही नहीं थी, उसने असली डेटा से बेहतर स्कोर किया।

ऐसा हुआ क्यों

वजह समझने लायक़ है, क्योंकि यह ग़लती बहुत आम है।

मान लीजिए किसी दिन बाज़ार ऊपर गया। उस पूरे दिन ODI भी ऊपर रहेगा, और आगे के रिटर्न भी ऊपर रहेंगे — क्योंकि दोनों एक ही चीज़ से जुड़े हैं, यानी उस दिन की चाल से।

अब अगर आप सारे दिनों को एक साथ मिला देते हैं, तो यह "ऊपर वाले दिन दोनों ऊपर, नीचे वाले दिन दोनों नीचे" एक साफ़ रिश्ता बनकर दिखता है। पर उसमें कोई भविष्यवाणी नहीं है। वह सिर्फ़ यह बता रहा है कि ऊपर वाले दिन ऊपर वाले दिन थे।

और जब हमने डेटा फेंटा, तो फेंटना हर दिन के भीतर हुआ — यानी हर दिन का अपना औसत बरकरार रहा। इसलिए यह नक़ली रिश्ता फेंटने के बाद भी बचा रहा, बल्कि और साफ़ हो गया।

इलाज: हर दिन को उसी दिन के भीतर देखिए। यानी हर दिन का अपना औसत उसमें से हटा दीजिए, और फिर रिश्ता निकालिए।

ऐसा करते ही असली सिग्नल का स्कोर −0.008 पर आ गया। यानी कुछ भी नहीं।

दूसरा जाल: भविष्य की जानकारी चुपके से इस्तेमाल हो जाना

यह और भी महँगा निकला।

हमने एक नियम बनाया जो यह देखता था कि भाव उस दिन के औसत से कितना दूर चला गया है, और फिर उसे उल्टा खेलता था। नतीजा शानदार था:

वही नियमNIFTYSENSEX
पूरे दिन का औसत इस्तेमाल करके+26,930+93,619
सिर्फ़ उस वक़्त तक की जानकारी से−25,697−67,650
आँकड़े इंडेक्स पॉइंट में। एक ही नियम, एक ही डेटा — फ़र्क़ सिर्फ़ इस बात का कि औसत निकालते वक़्त हमें क्या पता था।

NIFTY में यह लगभग 52,000 पॉइंट का उलटफेर है, और चिह्न ही बदल गया।

ग़लती कहाँ थी

"उस दिन का औसत" निकालने के लिए पूरा दिन ख़त्म होना ज़रूरी है। आप सुबह 11 बजे यह नहीं जान सकते कि पूरे दिन का औसत क्या रहेगा — वह तो 3:30 बजे ही पता चलेगा।

पर हमारे हिसाब में 11 बजे के फ़ैसले में पूरे दिन का औसत इस्तेमाल हो रहा था। यानी हम चुपके से भविष्य देख रहे थे, बिना जाने।

इसे ठीक करने का तरीक़ा यह है कि हर पल पर सिर्फ़ उसी पल तक का औसत लिया जाए — यानी औसत दिन के साथ-साथ बनता चले। ऐसा करते ही मुनाफ़ा नुकसान में बदल गया।

यह ठीक वही परिवार है जिसमें वह np.roll वाली ग़लती आती है जिसने हमारी सबसे भरोसेमंद स्ट्रैटेजी को खा लिया था। दोनों में कोई एरर नहीं आता, कुछ लाल नहीं होता — बस एक शानदार नक़ली नतीजा बन जाता है।

दोनों जाल ठीक करने के बाद क्या बचा

अब ईमानदार नतीजा। यही असली तस्वीर है:

क्या नापाNIFTYSENSEX
ODI बनाम आज की अब तक की चाल (एक ही वक़्त)+0.70+0.76
दिशा का मिलान83%84%
ODI बनाम आगे के 30 मिनट−0.188−0.178
वही, पर भाव को हिसाब में लेकर−0.052−0.014
पहली दो लाइनें बताती हैं कि OI आज की चाल को बहुत अच्छी तरह पकड़ता है। आख़िरी लाइन बताती है कि आगे के बारे में वह कुछ नहीं जानता।

तीसरी लाइन देखकर लगता है कि कुछ मिला — −0.188 का मतलब है कि ODI ऊपर हो तो अगले 30 मिनट में भाव नीचे जाता है। कई लोग यहीं रुककर स्ट्रैटेजी बना लेते।

पर चौथी लाइन वह जाँच है जो असल में मायने रखती है। जैसे ही हम भाव को हिसाब में लेते हैं, वह रिश्ता −0.052 और −0.014 पर आ जाता है — यानी लगभग शून्य।

इस पूरी रिपोर्ट का निचोड़
−0.188 → −0.052

वह "भविष्यवाणी" असल में भाव का अपने आप वापस लौटना था। ODI उसे सिर्फ़ पीछे-पीछे दोहरा रहा था।

दूसरे शब्दों में: OI आपको उससे ज़्यादा कुछ नहीं बताता जो भाव पहले से मुफ़्त में दिखा रहा है।

NIFTY और SENSEX एक ही सौदा हैं

बहुत लोग सोचते हैं कि दोनों इंडेक्स अलग हैं, और एक की चाल दूसरे के बारे में कुछ बता सकती है। ख़ासकर इसलिए कि उनकी एक्सपायरी अलग-अलग दिन होती है — NIFTY मंगलवार, SENSEX गुरुवार।

+0.992
दोनों के भाव आपस में इतने मिलते हैं
+0.835
दोनों के ODI आपस में इतने मिलते हैं

0.992 का मतलब है कि वे लगभग एक ही चीज़ हैं। कोई किसी से पहले नहीं चलता, और अलग-अलग एक्सपायरी से भी कोई फ़ायदा उठाने लायक़ फ़र्क़ नहीं बनता।

यानी दोनों में ट्रेड करके आप जोखिम बाँट नहीं रहे। आप एक ही सौदा दो बार कर रहे हैं।

और चार्ज लगाने के बाद

ऊपर की सारी बातें चार्ज से पहले की हैं। चार्ज जोड़ने पर ईमानदार नियम हर हाल में हारा:

प्रति सौदा नतीजा
NIFTY−7.8 से −12.3 पॉइंट
SENSEX−19 से −35 पॉइंट
ODI की सहमति वाला फ़िल्टर लगाकर−8.59 (बिना फ़िल्टर −8.18)
आख़िरी लाइन ध्यान देने लायक़ है: ODI का फ़िल्टर लगाने से नतीजा थोड़ा बुरा हुआ, बेहतर नहीं। जो चीज़ जानकारी नहीं रखती, वह छाँटने में मदद भी नहीं करती।

22 में से सिर्फ़ 3 से 10 दिन मुनाफ़े में रहे, और हमने कुल 48 अलग-अलग रिश्ते नापे। इतनी सारी जाँचों के बाद किसी नतीजे को भरोसेमंद कहने के लिए वह बहुत ज़्यादा मज़बूत होना चाहिए — वही सिक्के वाली बात। यहाँ कोई भी उस स्तर तक नहीं पहुँचा।

हमने अपने डेटा को भी जाँचा

एक और बात दर्ज कर देना ज़रूरी है। ऊपर की सारी गिनती के लिए हमने पूरा डेटा दोबारा बनाया — कच्चे रिकॉर्ड से, हर स्ट्राइक को अलग-अलग गिनकर।

फिर हमने जाँचा कि नया बनाया हुआ हिसाब पुराने रिकॉर्ड से मिलता है या नहीं। 590 में से 590 नमूनों पर वह पूरी तरह मिला।

यह जाँच इसलिए ज़रूरी थी क्योंकि हम पहले एक बार OI की गिनती ग़लत कर चुके थे। एक बार ग़लती हो जाने के बाद हर अगली गिनती पर सबूत माँगना पड़ता है।

आप इससे क्या ले जा सकते हैं

अगर आप कभी किसी स्ट्रैटेजी या सिग्नल की जाँच करें — अपनी या किसी और की — तो ये तीन सवाल पूछ लीजिए। हर एक हमें अपनी ही ग़लती से मिला है:

सवालक्यों
क्या यही हिसाब बेमतलब डेटा पर भी चलाकर देखा?अगर वहाँ भी नतीजा अच्छा आता है, तो सिग्नल कुछ नहीं बता रहा
क्या हर पल पर सिर्फ़ उतनी ही जानकारी थी जितनी असल में होती?पूरे दिन का औसत सुबह के फ़ैसले में इस्तेमाल करना भविष्य देखना है
भाव को हिसाब में लेने के बाद भी रिश्ता बचता है?ज़्यादातर "सिग्नल" सिर्फ़ भाव की परछाईं होते हैं

तीसरा सवाल सबसे ज़्यादा काम का है। बाज़ार में बिकने वाले ज़्यादातर इंडिकेटर भाव से ही बनते हैं। इसलिए वे भाव के साथ-साथ चलते दिखते हैं, और वही साथ-साथ चलना भविष्यवाणी समझ लिया जाता है।

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ज़रूरी सूचना

यह पेज सिर्फ़ हमारी की हुई जाँच की रिपोर्ट है। यहाँ कोई निवेश सलाह नहीं है, कोई सिफ़ारिश नहीं है, ख़रीदने-बेचने का कोई सुझाव नहीं है, और किसी शेयर या ऑप्शन का नाम लेकर कोई राय नहीं दी गई है।

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